Profitable Business : सरकार कर रही है मदद, स्कूल खोलें और हर महीने लाखों की कमाई करें

स्कूल कैसे खोलें, स्कूल का बिजनेस, प्ले स्कूल, प्राइमरी, सेकेंडरी, सीबीएसई, स्टेट बोर्ड, प्लान, मैनेजमेंट, निवेश, लाभ (How to Open School in India) (Plan, Management, Play Primary, Secondary, CBSE, School, Management, Investment, Profit, License)

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं, आज लगभग बहुत सारे ऐसे शिक्षा संस्थान खुल चुके हैं, जहां पर पहले कभी भी शिक्षा संस्थान का नाम नहीं हुआ करता था. यदि आप भी शिक्षा से जुड़े हुए किसी भी प्रकार के काम को करना चाहते हैं और साथ ही में कुछ कमाई करना चाहते हैं, तब आप स्कूल खोल सकते हैं और समाज सेवा के साथ-साथ थोड़ी कमाई का एक अच्छा जरिया भी इसे बना सकते हैं. आज हम अपने इस महत्वपूर्ण लेख में आप सभी लोगों को स्कूल खोलने से संबंधित सभी प्रकार की स्टेप बाय स्टेप जानकारी प्रदान करेंगे.

how to open school in hindi

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स्कूल कैसे खोलें (How to Open School)

स्कूल खोलने के लिए आपको सबसे पहले यह जानना आवश्यक है, कि आप किस माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र से संबंधित अपने विद्यालयों को खोलना चाहते हैं. जिस भी माध्यमिक शिक्षा के स्कूल को खोलना चाहते हैं, उनके सभी शर्तों को अवश्य पढ़ें और इस प्रकार से आपको थोड़ा स्कूल खोलने से संबंधित सरकारी अनुभव प्राप्त होता है.जिस प्रकार से आपने देखा होगा सभी स्कूलों में शिक्षा संबंधित व्यवस्थाएं होती हैं ठीक उसी प्रकार से आपको अपने ही स्कूल खोलने के लिए भी सभी शिक्षा सुविधा मुहैया करानी होगी और अपने ही स्कूल का पहले से ही एक स्ट्रक्चर एवं ब्लू प्रिंट तैयार करना है. ऐसे आप अप्रूवल के समय उन्हें अपने प्लान के बारे में समझाएं एवं अच्छे से वर्णन कर सकते हैं.स्कूल खोलने के लिए आपको बहुत सारे लाइसेंस एवं परमिशन की आवश्यकता पड़ती है इसलिए आपको सबसे पहले एक अच्छे वकील से संपर्क करना है एवं उनसे अपने सभी प्लान के बारे में जानकारी को बताना है और फिर वह जो भी आपको गाइडेंस प्रोवाइड करेंगे उन्हीं के हिसाब से आपको आगे का कार्य करना है. स्कूल खोलने के लिए मुंसिपल प्राधिकरण, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लेनी होती है. यही ऐसे विभाग है, जिसमें आप को अप्रूवल के लिए अपना आवेदन देना होता है और उनसे परमिशन लेनी होती है.

भारत में स्कूल की मांग

हमारे देश में आज भी ऐसे बहुत से स्थान ऐसे हैं, जहां पर कोई भी शिक्षा केंद्र मौजूद नहीं है और आज के समय में सभी लोग अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा ग्रहण करवाना चाहते हैं, क्योंकि शिक्षा के प्रति लोगों के अंदर जागरूकता बढ़ चुकी है.यदि आप ऐसे स्थान पर अपने स्कूल को खोलते हैं, जहां पर बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए दूर दूर जाना पड़ता है, तो यह आपके लिए काफी अच्छा और सेवा जनक कार्य हो सकता है. क्षेत्रों में स्कूल की मांग भी रहती है और आप अपने स्कूल से कुछ कमाई भी कर सकते हैं.

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स्कूल खोलने के लिए आवश्यक स्थान का चयन

स्कूल खोलने से पहले हमें अपने स्कूल के लिए एक ऐसे इंसान की जरूरत पड़ेगी जहां का माहौल शांत हो और इतनी जगह हो कि बच्चे आसानी से खेलकूद सके.इसके साथ हमें एक ऐसे आस्थान का चयन करना जहां पर पहले से किसी भी प्रकार का प्राइमरी या सेकेंडरी स्कूल मौजूद ना हो और ध्यान रहे कि रिश्ता ऐसा भी रहे जहां पर बच्चे आसानी से पहुंच सके एवं बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी हमें स्थान का चयन करना अनिवार्य है. हमें स्कूल खोलने के लिए सरकार की तरफ से कुछ मानक के हिसाब से चलना होगा, यदि हम शहरी क्षेत्र में स्कूल खोलना चाहते हैं, तो हमारे पास कम से कम स्कूल खोलने के लिए 1 एकड़ की जमीन होनी अनिवार्य है एवं यदि हम किसी ग्रामीण क्षेत्र में स्कूल खोलते हैं, तो हमें कम से कम 1.5 एकड़ की जमीन आपके पास होनी चाहिए.

प्ले स्कूल कैसे शुरू करें (How to Start Play School)

भारतीय संविधान अनुच्छेद 21ए के अंतर्गत वर्ष 2009 में भारत सरकार ने दी “एक्ट टू एजुकेशन नामक प्रोग्राम” की शुरुआत की है. इस नियम के अनुसार 6 वर्ष से लेकर 14 वर्ष के आयु के बच्चों को शिक्षा अनिवार्य रूप से मिलने चाहिए. ऐसे में 6 वर्ष आयु के नीचे के लिए प्ले स्कूल खोलने हेतु आपको कुछ सरकारी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. प्ले स्कूल खोलने के लिए सबसे पहले आपको यह निर्णय लेना है, कि आपको किस प्रकार का प्ले स्कूल खोलना है अर्थात डे केयर प्ले स्कूल, फुल टाइम प्ले स्कूल या फिर कुछ घंटों के लिए ही आप प्ले स्कूल चलाना चाहते हैं. आप इनमें से किसी भी प्रकार के प्ले स्कूल को शुरू करने के लिए पात्र हैं.

प्ले स्कूल खोलने के लिए सबसे पहले हमें इसके बजट से लेकर इसके सफल संचालन के लिए पूरी ब्लू प्रिंट तैयार करनी है और भारत सरकार ने भी चाइल्ड केयर सेंटर खोलने हेतु भारतीय महिला बैंक एवं पंजाब नेशनल बैंक से बीएमबी परवरिश लोन जरूरतमंदों को प्रदान करने का प्रावधान शुरू किया है. इस लोन की राशि को आपको 12% के ब्याज दर से 5 वर्षों के भीतर चुकाना होगा. इसके अतिरिक्त नेशनल काउंसलिंग फॉर टीचर एजुकेशन के नियमानुसार हमें अपने स्कूल के हेतु पात्र शिक्षक एवं स्टाफ मेंबर का चयन करना बेहद आवश्यक है. एक प्ले स्कूल खोलने के लिए व्यक्ति के पास सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है या फिर इसके अतिरिक्त आप समकक्ष या प्री स्कूल टीचर एजुकेशन प्रोग्राम के नियमानुसार कम से कम 1 साल का किसी भी प्रकार का शिक्षा में डिप्लोमा सर्टिफिकेट होना चाहिए या फिर आप बीएड की डिग्री के साथ सफल पास होने का सर्टिफिकेट चाहिए होगा होने.

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प्राइमरी स्कूल खोलने हेतु सरकार द्वारा निर्धारित की गई गाइडलाइन

हमारे देश में लगभग सभी जगहों पर प्राथमिक शिक्षा को सुचारू रूप से शुरू की जाने की बेहद आवश्यकता है और ऐसे में हर एक छोटे से बड़े क्षेत्रों में प्राइमरी स्कूल खोला जा सकता है, बशर्ते आपको कुछ नियमों और शर्तों का पालन करना होगा, जो इस प्रकार से निम्न है.

  • यदि आप प्राइमरी स्कूल खोलना चाहते हैं, तो ऐसे में आपके पास सर्वप्रथम स्कूल खोलने हेतु एक ट्रस्ट या फिर संस्था होनी अनिवार्य है. इसके अतिरिक्त आपके उस ट्रस्ट या संस्था में कम से कम 3 सदस्य होने ही चाहिए.
  • अब आपकी संस्था या ट्रस्ट को इंडिया ट्रस्ट एक्ट या फिर सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत करवाना होगा.ध्यान रहे कि आपकी सोसाइटी नॉनप्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन के अंतर्गत आती हो. इसका यह तात्पर्य है, कि स्कूल के लिए मिले प्रॉफिट को पूरी तरह से शिक्षा के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा.इसमें किसी भी सदस्य या व्यक्ति विशेष का किसी भी प्रकार से फायदा नहीं होना चाहिए. इसके अतिरिक्त इस संस्था में उन सदस्यों को शामिल करने की अनुमति दी जाती है, जिनके पास शिक्षा संबंधित ज्ञान अनुभव और सलाह देने योग्य जानकारी होती है.
  • संस्था का स्थापन करने के बाद आपको अपने स्कूल को खोलने से लेकर उसके सफल संचालन से संबंधित सभी प्रकार के इन्फ्राट्रक्चर को डिजाइन करना होगा, जिसमें स्कूल के स्टाफ मेंबर से लेकर टीचर एवं उच्च शिक्षक के अनुभव के साथ उनको चयनित करने का प्रावधान होना चाहिए. अपने इन्फ्राट्रक्चर को हमें ब्लूप्रिंट के रूप में सुरक्षित रखना है और अनुमति लेने के दौरान हमें अपने इस ब्लूप्रिंट को संबंधित अधिकारी या विभाग को दिखाना एवं समझाना है.
  • इतना करने के बाद हमें जिस स्थान पर अपने प्राइमरी स्कूल को खोलना है, उस स्थान से संबंधित सभी प्रकार के जमीन का विवरण होने चाहिए एवं यदि आप बिल्डिंग या क्षेत्र लीज पर ले रहे हैं, तो उसका सारा विवरण भी आपके पास होना चाहिए.
  • यदि आप प्राइमरी स्कूल खोलने के लिए खुद की जमीन का इस्तेमाल करने आएंगे तो आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा, क्योंकि आगे चलकर इसे आप आवश्यकता पड़ने पर अपग्रेड भी कर सकते हैं और अपने आवश्यकता अनुसार इसे इस्तेमाल कर सकते हैं.

सेकेंडरी स्कूल शुरू करने के लिए गाइडलाइन

यदि आप प्राइमरी स्कूल शुरू कर लेते हैं, तो आपको सेकेंडरी स्कूल खोलने में ज्यादा कुछ परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है. अक्सर ज्यादातर लोग प्राइमरी स्कूल खोलने के बाद ही सेकेंडरी स्कूल को एक- एक क्लास करके बढ़ाते चले जाते हैं और इस प्रकार से आसानी में रहती हैं एवं ज्यादा कार्यभार भी हमारे ऊपर एक साथ नहीं आता है. सेकेंडरी स्कूल शुरू करने के लिए आपको डॉक्यूमेंट तैयार करने होंगे और साथ ही में आप एनओसी एवं अप्रूवल संबंधी दस्तावेजों को तैयार करना है. इसके लिए आपको अपने लोकल मुंसिपल प्राधिकरण, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना पड़ सकता है. जिस प्रकार से आप आसानी से अपने सेकेंडरी स्कूल को खोल सकते हैं.

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सीबीएसई स्कूल खोलने की प्रक्रिया

सीबीएसई स्कूल खोलने के लिए हमें सभी प्रकार के उच्च निवेश और हाई क्लास के डॉक्यूमेंट तैयार करने होते हैं. सीबीएसई बोर्ड स्कूल खोलने के लिए हमें सभी प्रकार के हाई क्लास फैसिलिटी को देखना होता है और इसमें निवेश भी ज्यादा आता है. सीबीएसई बोर्ड स्कूल हो या फिर आईसीएसई, आईबी बोर्ड हो इन सभी बोर्ड के स्कूलों को खोलने के लिए आपको स्टेट बोर्ड की एफीलिएशन होना अनिवार्य होती है. आमतौर पर सीबीएसई बोर्ड फ्रेंचाइजी के आधार पर खोला जा सकता है. कई सारे ऐसे सीबीएसई बोर्ड स्कूल है, जो अपने फ्रेंचाइजी को हर एक प्रकार के शहर में योग्य लोगों को प्रदान करते हैं और इसके बारे में हमें जानकारी निकालनी पड़ती है.

सीबीएसई बोर्ड स्कूल को खोलने के लिए डाक्यूमेंट्स की लिस्ट बहुत ही लंबी है, परंतु आप सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सीबीएसई बोर्ड स्कूल खोलने से संबंधित सभी प्रकार की आवश्यक जानकारी को पढ़ सकते हैं और वहां से समझ सकते हैं.इसके अतिरिक्त यदि आपके नजर में कोई सीबीएसई बोर्ड स्कूल है तो आप उनसे जाकर थोड़ा संपर्क करें और उनके अनुभव के बारे में जानकारी हासिल करें कि किस प्रकार से सीबीएसई बोर्ड स्कूल को खोला जा सकता है एवं आप चाहे तो अपने नजदीकी शिक्षा विभाग से भी इस विषय पर जानकारी हासिल कर सकते हैं.

स्टेट बोर्ड स्कूल शुरू करें

यदि आप स्टेट बोर्ड स्कूल खोलते हैं, तो आपको आसानी से अपने राज्य से इस प्रकार के विद्यालयों को खोलने के लिए अनुमति मिल जाती है.जिस प्रकार से सीबीएसई बोर्ड के विद्यालयों को खोलने के लिए प्रक्रिया पूरी की जाती है, ठीक उसी प्रकार से स्टेट बोर्ड के विद्यालय को खोलने के लिए भी हमें उन सभी प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ता है.मगर कुछ अतिरिक्त विशेष बातों पर ध्यान देते हुए स्टेट बोर्ड स्कूल को खोलने की अनुमति लेनी पड़ती है. यदि आप स्टेट बोर्ड स्कूल खोलना चाहते हैं, तो आप अपने राज्य के शिक्षा विभाग के अधिकारी वेबसाइट पर जा सकते हैं और वहां से इस विषय से संबंधित आधिकारिक जानकारी पढ़ सकते हैं. इस कार्य में आप अपने जिले के जिला अधिकारी का सहारा ले सकते हैं और वह आपकी सहायता भी इस क्षेत्र में अवश्य करेंगे.

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स्कूल खोलने के लिए स्टाफ मेंबर का चयन प्रक्रिया

किसी भी श्रेणी के विद्यालयों को खोलने के लिए हमें उच्च विद्यालय में शिक्षक का कार्य करने वाले शिक्षकों को चयन करने के दौरान विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए. कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षक योग्य, शांत स्वभाव और बच्चों को आसानी से समझा सकें इस प्रकार के स्वभाव वाले होने चाहिए.इसके अतिरिक्त यह भी ध्यान रखें कि जिस विषय को किस कक्षा में शिक्षक पढ़ाने जा रहे हैं, उस विषय का का ज्ञान शिक्षक को होना चाहिए ताकि वह अपने विद्यार्थियों को सरल एवं आसान भाषा में इस विषय को समझा एवं पढ़ा सकें. इसके अतिरिक्त स्कूल के अन्य कार्य भार को संभालने के लिए प्रिंसिपल एवं चपरासी का भी चयन करना पड़ता है.हमें एक ऐसे प्रधानाचार्य का चयन करना है, जो शिक्षकों एवं विद्यालय के सभी कार्यों को आसानी से एवं सफलतापूर्वक संभाल सके और अपने विद्यालय पर अच्छा ध्यान दे सकें. विद्यालय के अन्य कार्यों को करने के लिए हमें एक चपरासी की आवश्यकता पड़ती है और हमें ऐसे चपरासी का चयन करना है, जो थोड़ा बहुत पढ़ा लिखा होता कि बाहर कुछ कागजी कामों में अपनी भूमिका को निभा सके.

स्कूल खोलने के लिए निवेश

प्राइमरी स्कूल खोलने के लिए हमें कम से कम 5 से लेकर 7 लाक रुपयों का निवेश करना होगा. यदि आप अपने स्कूल को अन्य आधुनिक फैसिलिटी के साथ खोलना चाहते हैं, तो यह निवेश की राशि थोड़ा और भी ऊपर जा सकती है. राजकीय विद्यालय से लेकर सीबीएसई बोर्ड के स्कूल तक के विद्यालय को खोलने के लिए हमें आराम से कम से कम 20 से लेकर 30 लाक रुपयों से भी अधिक निवेश करना पड़ सकता है और आधुनिक फैसिलिटी के स्कूल छोड़ने के लिए हमें यह निवेश की राशि थोड़ी और बढ़ानी पड़ सकती है.

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भारत में स्कूल खोलने के जोखिम

शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कार्य करना जोखिम भरा नहीं है अपितु हमें इस क्षेत्र में सही से और एक विश्वास योग्य कार्य करना है. आज भी ऐसे बहुत से स्थान आपको देखने को मिल जाएंगे जहां पर शिक्षा संस्थान बहुत दूर दूर है, अपितु नजदीकी शिक्षा के दृष्टिकोण से हम स्कूल खोल सकते हैं. हमें अपने विद्यालय में आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ-साथ योग्य शिक्षकों की भर्तियां करनी है और इस प्रकार से हम बिना किसी जोखिम से अपने विद्यालय को शुरू कर सकते हैं.

भारत में स्कूल खोलने के लाभ

हम अपने देश में जहां पर शिक्षा का केंद्र नहीं है, वहां पर आसानी से स्कूल खोल सकते हैं और स्कूल खोलते हुए हम समाज सेवा भी कर सकते हैं. बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ आप आसानी से हर महीने अपने विद्यालय से एक लाख रुपए से लेकर 2 लाख रूपों से भी अधिक कमाई कर सकते हैं.

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हम स्कूल खोलते हुए संबंधित शिक्षा को बढ़ावा दे सकते हैं और शिक्षा के प्रति लोगों के अंदर जागरूकता ला सकते हैं और इसके साथ ही अपने लिए एक स्थाई कमाई का रास्ता भी बना सकते हैं. कुल मिलाकर स्कूल खोलना सभी के लिए फायदेमंद होता है.

FAQ

Q : क्या हर कोई व्यक्ति स्कूल खोल सकता है ?

Ans : स्कूल खोलने के लिए कम से कम व्यक्ति को शिक्षा संबंधित ज्ञान होना चाहिए और बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों का चयन करने से संबंधित भी ज्ञान होना चाहिए, अर्थात इन सभी का ज्ञान रखने वाला व्यक्ति स्कूल खोल सकता है.

Q : स्कूल खोलने के लिए क्या हमें लाइसेंस की आवश्यकता पड़ती है ?

Ans : जी बिल्कुल इस विषय से संबंधित आपको आपके गार्ड के शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी मिल जाएगी, एवं आप चाहे तो सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जाकर इस विषय से संबंधित जानकारी देख सकते हैं.

Q : हम अपना स्कूल कहाँ खोल सकते हैं ?

Ans : जी बिल्कुल भी नहीं आपको ऐसे स्थान पर स्कूल खोलना है, जहां पर पहले से कोई भी शिक्षा संस्थान ना हो और वहां पर आसानी से सुरक्षित तरीके से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आ जा सके.

Q : स्कूल खोलने के लिए हमें कुल कितना निवेश करना पड़ सकता है ?

Ans : स्कूल खोलने के लिए हमें कुल 30 से लेकर 40 लाख रुपए से भी अधिक निवेश करना पड़ सकता है.

Q : स्कूल खोलने के लिए हमें किस लाइसेंस की आवश्यकता पड़ती है ?

Ans : इस विषय से संबंधित जानकारी को हासिल करने के लिए आर्टिकल को शुरू से अंत तक पढ़े.

Q : हम विद्यालय खोलकर हर महीने कितना कमा सकते हैं ?

Ans : एक सफल विद्यालय खोलकर हम हर महीने 3 से लेकर 5 लाख रुपयों से भी अधिक कमाई कर सकते हैं.

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